Mohammad Akbar on chhattisgarh SIR: छत्तीसगढ़ में SIR से 24.99 लाख वोटरों के नाम कैसे हटे? पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने उठाए सवाल-आबादी बढ़ी तो मतदाता क्यों घटे?
| पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने SIR के तहत 24.99 लाख मतदाताओं के नाम हटने पर सवाल उठाए। बोले- आबादी बढ़ने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में नाम कम होने का आधार क्या है?
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी सवाल उठने लगे हैं। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने प्रदेश में SIR के दौरान 24 लाख 99 हजार मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आंकड़े पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा है कि जब प्रदेश की आबादी लगातार बढ़ रही है, तो मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कम होने का आधार क्या है?
मोहम्मद अकबर ने छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रथम मंत्रिमंडल का हिस्सा रहते हुए अजीत जोगी के नेतृत्व में राज्य की नींव रखी गई। इसके बाद डॉ. रमन सिंह और भूपेश बघेल के कार्यकाल में भी अलग-अलग स्तर पर प्रदेश के विकास में योगदान दिया गया। लेकिन आज सबसे बड़ा सवाल लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा का है।
2023 के चुनावी नतीजों का दिया हवाला
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा के बीच जीत-हार का अंतर 6 लाख 32 हजार वोट यानी 4.04 प्रतिशत था। वहीं, SIR के माध्यम से छत्तीसगढ़ में 24 लाख 99 हजार मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आबादी बढ़ने के बावजूद मतदाता सूची में इतनी बड़ी कमी का आधार क्या है?
किसी दल की नहीं, मताधिकार की लड़ाई
पूर्व मंत्री ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष की नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकार और चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की है। लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत होती है और कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित नहीं होना चाहिए।
मोहम्मद अकबर ने कहा कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिले, यही उनका संकल्प और संघर्ष है।