Chhattisgarh Swine Flu: प्रदेश में में 205 पहुंचा H1N1 का आंकड़ा, रायपुर में सबसे ज्यादा 89 केस
Chhattisgarh Swine Flu: प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल मामले 205 पहुंच गए हैं। रायपुर में सबसे ज्यादा 89 केस सामने आए हैं। जानें लक्षण और वायरस कैसे फैलता है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में 26 नए मामले सामने आने के बाद प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 205 हो गई है। इनमें 57 केस एक्टिव हैं, जबकि 44 संक्रमित मरीजों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा मामले रायपुर जिले से सामने आए हैं। अकेले रायपुर में 12 नए संक्रमित मिले। जिले में अब तक कुल 89 मामले सामने आ चुके हैं।
रायपुर में सबसे ज्यादा 89 केस
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामलों में रायपुर सबसे आगे है। यहां अब तक 89 संक्रमित मिल चुके हैं। शुक्रवार को जिले में 12 नए मरीज मिले और सभी का इलाज जारी है। वहीं दुर्ग और बिलासपुर में 26-26, कोरबा में 11, रायगढ़ में 10 और धमतरी में 9 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 13 संक्रमित मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में किया जा रहा है।
इन जिलों में मिले नए मरीज
प्रदेश में कुल 26 नए स्वाइन फ्लू संक्रमित मिले। इनमें:-
- रायपुर में 12
- बिलासपुर में 6
- दुर्ग में 4
- बालोद में 2
- जांजगीर में 1
- महासमुंद में 1
किस जिले में कितने स्वाइन फ्लू केस?
- रायपुर: 89
- दुर्ग: 26
- बिलासपुर: 26
- कोरबा: 11
- रायगढ़: 10
- धमतरी: 9
- महासमुंद: 4
- राजनांदगांव: 4
- बालोद: 3
- बस्तर: 3
- बेमेतरा: 3
- जांजगीर-चांपा: 3
- कांकेर: 2
- सूरजपुर: 2
- सरगुजा: 2
- बलौदाबाजार: 1
- दंतेवाड़ा: 1
- गरियाबंद: 1
- जशपुर: 1
- कोंडागांव: 1
- मनेंद्रगढ़: 1
- मोहला-मानपुर: 1
- सक्ती: 1
क्या है स्वाइन फ्लू और कैसे फैलता है?
रायपुर जिले के नोडल अधिकारी डॉ. अविनाश चतुर्वेदी के मुताबिक, स्वाइन फ्लू इंफ्लुएंजा समूह के H1N1 वायरस के कारण होता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से वायरस दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। संक्रमण होने पर आमतौर पर तेज बुखार, गले में दर्द, शरीर में दर्द, सर्दी और खांसी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
कितने दिन में ठीक होता है स्वाइन फ्लू?
आमतौर पर स्वाइन फ्लू की समस्या तीन से पांच दिन में ठीक हो सकती है। हालांकि, बुजुर्गों और पहले से किसी अन्य बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण का असर ज्यादा समय तक रह सकता है।
ऐसे लोगों में लक्षण गंभीर होने की आशंका भी अधिक हो सकती है, इसलिए तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या लगातार बिगड़ती तबीयत होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
संक्रमित व्यक्ति से दूरी और सावधानी जरूरी
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञ संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने और हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है।