CG News : मानसून का कहर, गरियाबंद में 40 साल पुराना पुल ढहा, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा, फिंगेश्वर में घरों में घुसा पानी
वहीं फिंगेश्वर में जलभराव के कारण कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
CG News : गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में मानसून की पहली तेज बारिश राहत से ज्यादा आफत बनकर सामने आई है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने गरियाबंद जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। छुरा क्षेत्र में 40 वर्ष से अधिक पुराना कुसुमबोड़ा (कोसम्बुड़ा) पुल तेज बहाव की चपेट में आकर ढह गया, जिससे दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया। वहीं फिंगेश्वर में जलभराव के कारण कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
छुरा के कुसुमबोड़ा–सारागांव मार्ग पर स्थित यह पुल कोसमी, नवापारा, सारागांव, दुल्ला, चुरकीदादार, बम्हनी सहित कई गांवों को छुरा मुख्यालय से जोड़ता था। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद इन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। यही मार्ग छत्तीसगढ़ को ओडिशा के नुआपड़ा जिले से भी जोड़ता है, जिससे अंतरराज्यीय आवागमन और व्यापार भी प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल लंबे समय से जर्जर था, लेकिन समय रहते मरम्मत या नया निर्माण नहीं होने का खामियाजा अब पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ रहा है।
पिछले 24 घंटे में छुरा और फिंगेश्वर तहसील में 100 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे पुल का हिस्सा बह गया और मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने और उफनते नालों को पार नहीं करने की अपील की है।