CG News: रायपुर। नक्सल संगठन द्वारा शांति वार्ता के पत्र पर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सली आम लोगों की हत्या करना बंद करें और प्लांट किए गए आईईडी को हटा लें। उन्होंने बताया कि नक्सलियों की ओर से मिला पहला पत्र पोलित ब्यूरो सदस्य का है, जबकि दूसरा पत्र ज्यूनियर कैडर का है जो तेलंगाना राज्य कमेटी का सदस्य है।

बता दें कि युद्ध विराम का सरकार से आग्रह करने के मामले में नक्सल संगठन में दोफाड़ हो गया है। पहले संगठन के प्रवक्ता अभय का पत्र आया था, जिसके बाद तेलंगाना राज्य कमेटी ने प्रेस नोट जारी किया है। तेलंगाना राज्य कमेटी ने हथियार डालने और शांतिवार्ता की बात को केंद्रीय कमेटी प्रवक्ता अभय की निजी राय बताया है। तेलंगाना संगठन ने युद्ध विराम या सरेंडर से इनकार करते हुए भाजपा सरकार पर खून खराबा करने का भी आरोप लगाया गया है।

दो प्रेस नोट में अलग-अलग बातें होने से यह तय हो गया है कि नक्सल संगठन फूट पड़ गई है। यह भी साफ हो गया है कि छत्तीसगढ़ में जिस तरह से पुलिस और सुरक्षाबलों का एक्शन चल रहा है, उससे यहां सक्रिय नक्सल संगठन के सदस्यों में भय और दहशत है। नक्सलियों ने अपने प्रेस नोट में कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री बार-बार घोषणा कर रहे हैं कि वे मार्च 2026 तक माओवादी पार्टी का सफाया कर देंगे।

इधर शराब घोटाला मामले को लेकर ईडी द्वारा पैसे कार्टून में भरकर कांग्रेस भवन पहुंचने के खुलासा को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार में प्रशासन को झोंका गया था। अभी रोज नई-नई कथाएं आएगी। कांग्रेस सरकार के दबाव में अच्छे अधिकारी भी फंसे हैं। यही सच्चाई है, तभी जांच में बातें आ रही है। शराब व्यापार के लिए बाहरी को प्रश्रय दिया गया था।

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