CG News : गौरीशंकर गुप्ता, घरघोड़ा। घरघोड़ा अंचल में अवैध कबाड़ी के धंधे ने पूरे क्षेत्र को लाल आतंक के साये में ढक लिया है। कबाड़ किंग्स, जो अपने धन और प्रभाव के बल पर खुलेआम लोहा चोरी के खेल में लिप्त हैं, ने आमजन को उनके लोहे के सामानों की सुरक्षा के लिए चिंतित कर दिया है। सत्ता पक्ष के तथाकथित नेताओं के समर्थन से ये कबाड़ किंग्स बिना किसी डर के अपना काला कारोबार चला रहे हैं।

CG News : 
कहा जा रहा है कि खदानों के उद्योगीकरण के बाद से घरघोड़ा में कबाड़ी धंधे का लाल बादशाह अपनी अवैध कमाई से बेहिसाब संपत्ति का मालिक बन चुका है। इसके अलावा, आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जा कर मकान और दुकान जैसे निर्माण कार्य भी किए जा रहे हैं, जो अक्सर चर्चा का विषय बनते हैं।

CG News : घरघोड़ा और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में कबाड़ किंग्स का नेटवर्किंग इतना मजबूत है कि भारी मात्रा में चोरी का सामान घरघोड़ा शहर के अंदर खरीदा और बेचा जा रहा है। अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए बाहरी राज्यों से आए फेरीवाले कबाड़ खरीदने वालों का घरघोड़ा और आसपास के गांवों में बसाया गया है, जिनकी असली पहचान जांच का विषय है। कई मामलों में, यह देखा गया है कि ये लोग अपराधी प्रवृत्ति के होते हैं, जो अपनी पहचान छिपाकर इन धंधों में लिप्त रहते हैं।

CG News : कबाड़ के अवैध धंधे में बेहिसाब कमाई के कारण, अन्य लोग भी इस धंधे में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में लोहे के सामान, छड़, और भवन निर्माण सामग्रियों की चोरियों में वृद्धि हो रही है। रेल पटरी पर हो रही लगातार चोरी से पुलिस भी परेशान है।

CG News : इस अवैध कबाड़ी धंधे में नाबालिगों की भी संलिप्तता बढ़ रही है, जो बिना मेहनत के पैसे से नशे की लत में फंसते जा रहे हैं। घरघोड़ा जैसे शांत आदिवासी इलाके में कबाड़ के इस अवैध धंधे ने अपराधों को बढ़ावा दिया है, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। यदि समय रहते इस पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में कानून व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
Tags: