CG Breaking: जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को आजीवन कारावास, हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला

CG Breaking: बिलासपुर/रायपुर। Amit Jogi gets life imprisonment in Jaggi murder case: छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Update: 2026-04-06 06:54 GMT

CG Breaking: बिलासपुर/रायपुर। Amit Jogi gets life imprisonment in Jaggi murder case: छत्तीसगढ़ के चर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में सहभागिता का आरोप हो, तो किसी एक आरोपी के पक्ष में कृत्रिम भेदभाव नहीं किया जा सकता।

Amit Jogi gets life imprisonment in Jaggi murder case


CG Breaking: हाई कोर्ट ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और धारा 120-बी (अपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में छह माह की अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।

CG Breaking: हाई कोर्ट का यह फैसला 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पूरी तरह पलट दिया है जिसमें स्पेशल जज (एट्रोसिटी) रायपुर ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, जबकि चिमन सिंह, याह्या ढेबर, अभय गोयल और फिरोज सिद्दीकी सहित अन्य 28 आरोपियों को सजा सुनाई गई थी। CG Breaking: हाई कोर्ट ने साफ कहा कि “एक ही गवाही के आधार पर कुछ आरोपियों को दोषी ठहराया जाना और मुख्य साजिशकर्ता को बरी कर दिया जाना कानूनी रूप से असंगत और गलत है।

Amit Jogi gets life imprisonment in Jaggi murder case सुप्रीम कोर्ट में 20 को होगी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट से अमित जोगी को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है, हालांकि कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और 20 अप्रैल को इसकी सुनवाई होगी। जोगी की ओर से दो आदेशों को चुनौती दी गई है पहला, जिसमें CBI को अपील करने की अनुमति दी गई और दूसरा, हाईकोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।

दोनों मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। प्रारंभिक सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संजीव मेहता की बेंच में हुई। जोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा और सिद्धार्थ दवे ने पक्ष रखा। वकीलों ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने अपने फैसलों में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया और बिना सुनवाई का मौका दिए आदेश पारित कर दिए। सुप्रीम कोर्ट ने जोगी को 20 अप्रैल से पहले अंतिम निर्णय के खिलाफ अपील करने की छूट दी है, ताकि सभी मामलों की एक साथ सुनवाई की जा सके।

Amit Jogi gets life imprisonment in Jaggi murder case:  कब हुआ था जग्गी हत्याकांड

1.4 जून, 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

2.इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे, जिसमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे।

3.28 लोगों को सजा मिली थी, जबकि अमित जोगी को बरी कर दिया गया था।

4.इसके बाद रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जिस पर जोगी के पक्ष में स्टे लगा था. बाद में SC ने केस को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट भेज दिया।

5.हाई कोर्ट ने अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

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