नई दिल्ली/मुंबई। अक्टूबर महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। सेंसेक्स 287 अंक टूटकर 72,193 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी भी 76 अंक की गिरावट के साथ 22,544 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में ऑटो समेत कई प्रमुख सेक्टर दबाव में रहे।

ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव

शुरुआती कारोबार में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टोरल इंडेक्स में रहा। इसके अलावा निफ्टी कंजप्शन, रियल्टी, मीडिया, इन्फ्रा, हेल्थकेयर, डिफेंस, कमोडिटीज, पीएसई, ऑयल एंड गैस, फार्मा, एफएमसीजी, एनर्जी और पीएसयू बैंक इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में मजबूती देखने को मिली।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव

बाजार की कमजोरी केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव नजर आया।

निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 404 अंक यानी 0.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,936 के स्तर पर था। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 197 अंक यानी 1.04 प्रतिशत टूटकर 19,044 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी भारतीय बाजार को एकतरफा सकारात्मक संकेत नहीं मिले। गुरुवार को टोक्यो, ताइपे और सोल के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि जकार्ता में गिरावट दर्ज की गई।

इससे पहले बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी मिश्रित रुख के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स में 0.86 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि नैस्डैक 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

FII की बिकवाली पर बाजार की नजर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली पिछले दो कारोबारी सत्रों में तेज हुई है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान FII ने कुल 20,128 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी विदेशी निवेशकों के रुख को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि, FII की गतिविधियों में एक अलग तस्वीर भी दिखाई दे रही है। जहां वे एक्सचेंज के जरिए लगातार बिकवाली कर रहे हैं, वहीं प्राइमरी मार्केट में निवेश करते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही ऊंचे वैल्यूएशन वाले कुछ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी उनकी खरीदारी जारी है।

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