नई दिल्ली। राजधानी नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आज गुरुवार 17 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 (SEMICON India 2026)** प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया। यह दो दिवसीय (17 से 19 सितंबर) कार्यक्रम इंडस्ट्री की भागीदारी, ग्लोबल पार्टनरशिप और देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता पर पूरी तरह केंद्रित है। इस मेगा इवेंट में देश-विदेश की कई दिग्गज कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।

सेमीकंडक्टर मिशन में भारत की बड़ी छलांग

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के मुताबिक, इस साल के इवेंट की थीम 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम' रखी गई है। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब सिर्फ नीतियों और कागजी समझौतों के दौर से आगे बढ़कर कमर्शियल प्रोडक्शन तक पहुंच चुका है।

सफर पॉलिसी से कमर्शियल प्रोडक्शन तक

2022 में जब इस इवेंट की शुरुआत हुई थी, तब मुख्य जोर सिर्फ पॉलिसी और रूपरेखा तैयार करने पर था। इसके बाद दूसरे चरण में चर्चा प्रोजेक्ट्स, फाइलों पर साइन करने और आधारशिला रखने तक बढ़ी। अब मौजूदा चरण (SEMICON 2.0) में आज भारतीय प्लांट्स से चिप्स का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है, जो देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंच रही हैं।

देश की आर्थिक तरक्की और ग्लोबल भरोसा

प्रधानमंत्री ने सितंबर महीने की पिछले कुछ हफ्तों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए देश की तेज रफ्तार विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह भारत ने इस मुश्किल वैश्विक दौर में भी 7.8% की मजबूत GDP विकास दर हासिल करके दिखाई है।

इसके अलावा, जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा करीब 35 साल (तीन दशक) बाद भारत की सॉवरेन रेटिंग को अपग्रेड किया जाना इस बात का सबूत है कि दुनिया का भारत पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न हुए ब्रिक्स समिट और 'नई दिल्ली घोषणापत्र' की सर्वसम्मति से स्वीकृति भी इसी वैश्विक विश्वास का नतीजा है।

सेमीकॉन 2.0 और भविष्य का रोडमैप

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम में जानकारी दी कि 'सेमीकॉन 2.0' के तहत सरकार का मुख्य फोकस चार प्रमुख स्तंभों पर है। पहला चिप डिजाइन, जिसमें कम से कम 200 ऐसी स्टार्टअप कंपनियों को बढ़ावा देना जो भारत की जरूरतों के हिसाब से चिप डिजाइन करती हैं।

दूसरा मशीन और मटीरियल जिसमें 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा से रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग को नई ताकत मिलेगी। अगले चरण डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन और कंपाउंड और एडवांस्ड पैकेजिंग के लिए ओडिशा में देश की पहली 3D पैकेजिंग यूनिट का निर्माण कार्य शामिल है।

केंद्र सरकार के सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें से शुरुआती तीन यूनिट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो चुका है। यह प्रदर्शनी 'सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स' के सफर को दर्शाते हुए भारत को एक भरोसेमंद ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित कर रही है।

Tags: