नई दिल्ली। शेयर बाजार के निवेशकों के लिए दिवाली का पर्व हमेशा से बेहद खास रहता है। इस परंपरा को बरकरार रखते हुए इस साल भी भारतीय शेयर बाजार में विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया जाएगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने आधिकारिक सर्कुलर जारी कर दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग की तारीख और समय का ऐलान कर दिया है। एनएसई द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, इस वर्ष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र रविवार, 8 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।

जानें मुहूर्त ट्रेडिंग का पूरा टाइम टेबल

दिवाली के शुभ अवसर पर शेयर बाजार पूरे दिन के बजाय केवल एक सीमित समय के लिए खुलता है। इस बार निवेशकों को शेयर खरीदने और बेचने के लिए कुल 1 घंटे 10 मिनट का समय मिलेगा।

सत्र की शुरुआत:-दोपहर 2:20 बजे

सत्र की समाप्ति:- दोपहर 3:30 बजे

ट्रेड मॉडिफिकेशन विंडो:- दोपहर 3:40 बजे तक (किए गए सौदों में संशोधन के लिए)

एनएसई ने स्पष्ट किया है कि 19 अक्टूबर 2026 को जारी यह सर्कुलर उसके पूर्ववर्ती 23 दिसंबर 2025 के सर्कुलर का ही विस्तार है।

सौदों का निपटान (Settling Trades)

स्टॉक एक्सचेंज ने जानकारी दी है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान निष्पादित (Executed) किए गए सभी सौदों का निपटान (Settlement) सामान्य कारोबारी दिनों के नियमों के तहत ही होगा। इसका मतलब है कि शेयरों की डिलीवरी और पेमेंट की प्रक्रिया सामान्य क्लीयरिंग नियमों के अनुसार लागू होगी।

क्या होती है मुहूर्त ट्रेडिंग और क्यों है इसका महत्व?

भारतीय शेयर बाजार में दिवाली के दिन मुहूर्त ट्रेडिंग की परंपरा दशकों पुरानी है।

शुभ शुरुआत:- हिंदू संवत वर्ष (विक्रम संवत) की शुरुआत के मौके पर निवेशक इसे नए वित्तीय वर्ष की पहली ट्रेडिंग मानते हैं।

टोकन इन्वेस्टमेंट:- इस खास सत्र में कई निवेशक और ब्रोकर वित्तीय समृद्धि के लिए नए शेयरों में छोटा या प्रतीकात्मक निवेश (Token Investment) करना बेहद शुभ मानते हैं।

पारंपरिक पूजा:- ट्रेडिंग सत्र शुरू होने से पहले बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) में धनलक्ष्मी और सरस्वती पूजन का आयोजन भी किया जाता है।

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