Axiom-4: समय से 40 मिनट पहले ISS पहुंचे भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला, Dragon स्पेसक्राफ्ट की हुई डॉकिंग, स्पेस से भेजा पहला संदेश, जानें

By :  Vpb
Update: 2025-06-26 08:06 GMT

Axiom-4: नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचकर इतिहास रच दिया। Axiom-4 मिशन के तहत वह भारत के दूसरे नागरिक बन गए हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर कदम रखा। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सल्युत-7 स्पेस स्टेशन पर भारत का परचम लहराया था। शुभांशु ने अंतरिक्ष से अपने पहले वीडियो संदेश में कहा, "नमस्कार फ्रॉम स्पेस! मैं अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यहां होने के लिए रोमांचित हूं।"

Axiom-4 मिशन को SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए बुधवार को अमेरिका के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने लगभग 28 घंटे की यात्रा के बाद गुरुवार शाम 4:01 बजे ISS के साथ सफलतापूर्वक डॉकिंग की। इस मिशन में शुभांशु के साथ अमेरिका की पैगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोश उज्नांस्की और हंगरी के टिबोर कपु शामिल हैं। शुभांशु इस मिशन के पायलट हैं और उनके कंधों पर तिरंगे ने हर भारतीय का गर्व बढ़ाया।

शुभांशु ने कहा, "अंतरिक्ष से धरती का नजारा अविस्मरणीय है। यह यात्रा भारत के ह्यूमन स्पेसफ्लाइट मिशन के लिए ऐतिहासिक कदम है। मेरे साथ आप सभी गर्व महसूस करें।" वह 14 दिनों तक ISS पर रहेंगे और सात महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे। इनमें माइक्रोग्रैविटी में मांसपेशियों पर प्रभाव, टार्डीग्रेड्स और माइक्रोएल्गी पर अध्ययन, फसलों के बीजों का जेनेटिक विश्लेषण, और अंतरिक्ष में कंप्यूटर स्क्रीन के आंखों पर प्रभाव जैसे प्रयोग शामिल हैं। ये शोध भारत के गगनयान मिशन के लिए भी महत्वपूर्ण सबक प्रदान करेंगे।

मिशन के साथ एक खिलौना हंस 'जॉय' भी भेजा गया, जिसे शुभांशु ने भारतीय संस्कृति में ज्ञान का प्रतीक बताया। इस मिशन में 31 देशों की भागीदारी है, और इसे NASA और Axiom Space ने कड़ी मेहनत से तैयार किया था। शुभांशु की इस उपलब्धि ने न केवल भारत के अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय जोड़ा, बल्कि युवाओं को भी प्रेरित किया है। उनके शब्दों में, "यह यात्रा मेरे जरिए आप सभी की है, इसका आनंद लें!"

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