Amit Shah: खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों पर देशव्यापी छूट का शुभारंभ, अमित शाह ने दी स्वदेशी को नई ऊर्जा

By :  Dev Verma
Update: 2025-10-02 13:19 GMT

Amit Shah: नई दिल्ली। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित खादी और ग्रामोद्योग भवन में जीएसटी बचत उत्सव के तहत खादी व ग्रामोद्योग उत्पादों पर देशव्यापी छूट का शुभारंभ किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और स्वदेशी उत्पाद खरीदकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'गर्व से कहो यह स्वदेशी है' अभियान को नई ऊर्जा दी। शाह ने देशवासियों से अपील की कि हर परिवार सालाना कम से कम 5,000 रुपये की खादी खरीदे, ताकि कारीगरों को लाभ मिले और स्वदेशी आंदोलन को बल मिले।

Amit Shah: दो चरणों में खादी पर छूट

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के तत्वावधान में शुरू हुए जीएसटी बचत उत्सव के तहत छूट दो चरणों में दी जाएगी। पहला चरण 2 अक्टूबर से 5 नवंबर 2025 तक और दूसरा चरण 15 नवंबर से 25 नवंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान खादी वस्त्रों पर 20% और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10% तक की छूट मिलेगी। केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा, "गृह मंत्री द्वारा खादी उत्पाद खरीदने और स्वदेशी का संदेश देने से यह अभियान नई ऊंचाइयों को छूएगा।"

Amit Shah: शाह ने की खादी की खरीदारी

अमित शाह ने खादी और ग्रामोद्योग भवन में उत्पादों का अवलोकन किया और यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर खादी वस्त्र व अन्य उत्पाद खरीदे। उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी ने स्वदेशी और खादी के विचार से स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी और गरीबों के जीवन में रोशनी लाई। लंबे समय तक यह विचार भुला दिया गया था, लेकिन 2003 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में खादी को पुनर्जनन दिया।" उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक खादी और ग्रामोद्योग का टर्नओवर 1.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो स्वदेशी की बड़ी उपलब्धि है।

Amit Shah: मोदी का विजन, शाह का संकल्प

शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'हर घर स्वदेशी' अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने 'मन की बात' के जरिए स्वदेशी को नई ऊर्जा दी है। आज हजारों परिवारों ने विदेशी वस्तुओं का उपयोग न करने और दुकानदारों ने विदेशी माल न बेचने का संकल्प लिया है।" उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे खादी और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करें।

Amit Shah: आत्मनिर्भरता का प्रतीक

अमित शाह ने खादी को आत्मनिर्भरता और कारीगरों की आजीविका का आधार बताया। उन्होंने कहा, "खादी केवल कपड़ा नहीं, बल्कि गांधी जी का विचार और देश की आर्थिक प्रगति का प्रतीक है।" इस अभियान के तहत देशभर में खादी मेले और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी, ताकि स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिले।

Amit Shah: गांधी जयंती का संदेश

गांधी जयंती पर शाह ने स्वदेशी को अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि यह अभियान न केवल आर्थिक समृद्धि लाएगा, बल्कि गांधी जी के आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के सपनों को भी पूरा करेगा। यह पहल देश के कारीगरों, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।

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