Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया आज, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए करें ये काम

By :  Vpb
Update: 2025-04-30 01:23 GMT

Akshaya Tritiya 2025: धर्म डेस्क: सनातन में अक्षय तृतीया का पर्व विशेष महत्व रखता है। यह त्योहार हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष 2025 में अक्षय तृतीया 30 अप्रैल, बुधवार को मनाई जा रही है। यह दिन पूजा-पाठ, जप-तप, दान और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 29 अप्रैल को शाम 5:29 बजे शुरू होगी और 30 अप्रैल को दोपहर 2:12 बजे समाप्त होगी।

Akshaya Tritiya 2025: अबूझ मुहूर्त का दिन

अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त के रूप में जाना जाता है, जिसका अर्थ है कि इस दिन बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। इस दिन किए गए कार्यों का फल अक्षय, यानी कभी नष्ट न होने वाला, माना जाता है। इस वर्ष अक्षय तृतीया के दिन विशेष योगों का संयोग बन रहा है। सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में विराजमान होंगे। साथ ही सर्वार्थसिद्धि योग, रोहिणी नक्षत्र, शोभन योग और बुधवार का संयोग इस पर्व को और भी शुभ बना रहा है।

Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया का महत्व

मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन सोने-चांदी की वस्तुएं खरीदना विशेष रूप से शुभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, स्वर्ण में मां लक्ष्मी का वास होता है, जिसके कारण इस दिन आभूषणों की खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा, इस दिन पूजा-पाठ, दान और भगवान के दर्शन करने से कई गुना पुण्य की प्राप्ति होती है।

Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया पर क्या करें?

पूजा-पाठ: इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें। भगवान विष्णु सहस्त्रनाम, श्रीसूक्त और रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

पितरों का तर्पण: पितरों के लिए तर्पण, दान और स्नान का विशेष महत्व है। यह कार्य पुण्य फल प्रदान करता है।

शुभ कार्य: अक्षय तृतीया का दिन नया घर, जमीन, वाहन खरीदने, व्यापार शुरू करने या विवाह जैसे मांगलिक कार्यों के लिए आदर्श है। *सोने-चांदी की खरीदारी: इस दिन सोने-चांदी के आभूषण या वस्तुएं खरीदने की परंपरा है, जो समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है।

देवताओं की पूजा: भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। *दान-पुण्य: इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, जो जीवन में सुख और शांति लाता है।

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