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Ahmedabad Plane Crash : मेडिकल हॉस्टल की तीसरी मंजिल से कूदे छात्र, वायरल वीडियो में दिखा भयावह मंजर

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।

Ahmedabad Plane Crash : मेडिकल हॉस्टल की तीसरी मंजिल से कूदे छात्र, वायरल वीडियो में दिखा भयावह मंजर
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Ahmedabad Plane Crash : अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे के बाद बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में लगी आग से बचने के लिए छात्रों के तीसरी और चौथी मंजिल से कूदने का एक डरावना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र चादरों और कपड़ों से बनाई गई रस्सियों और बालकनी की लोहे की जालियों का सहारा लेते हुए जान बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि न्यूज प्लस 21 नहीं करता है।

हादसे का भयानक मंजर-

एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (AI171), जो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भर रहा था, टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही मेहमानीनगर क्षेत्र में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय हॉस्टल की कैंटीन में लंच के लिए 35 से अधिक छात्र और स्टाफ मौजूद थे। विमान के टकराने से भवन में भीषण आग लग गई, जिससे तापमान 1000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस आग और धुएं के बीच छात्रों ने अपनी जान बचाने के लिए तीसरी और चौथी मंजिल से कूदना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि छात्र चादरों को रस्सी की तरह इस्तेमाल कर और बालकनी की रेलिंग से लटककर नीचे उतरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि नीचे आग की लपटें और घना काला धुआं दिखाई दे रहा है।


274 लोगों की मौत, एकमात्र जीवित बचा यात्री-

विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई, जिसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे। इसके अलावा, हॉस्टल और आसपास के क्षेत्र में 30 से अधिक लोग इस हादसे का शिकार हुए, जिनमें चार एमबीबीएस छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी शामिल हैं। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की भी मृत्यु हो गई। एकमात्र जीवित बचे यात्री, ब्रिटिश-भारतीय मूल के विशवास कुमार रमेश, जो सीट 11ए पर बैठे थे, ने चमत्कारिक रूप से बचकर निकलने में सफलता पाई। उन्होंने बताया कि विमान के आपातकालीन निकास द्वार के पास बैठे होने के कारण वह बाहर निकल सके।

डीएनए जांच से शवों की पहचान-

हादसे के बाद विमान और हॉस्टल में लगी आग के कारण कई शव बुरी तरह झुलस गए, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने घटनास्थल का दौरा किया। शाह ने बताया कि शवों की पहचान के लिए डीएनए मिलान की प्रक्रिया शुरू की गई है। अब तक 135 डीएनए नमूनों का मिलान हो चुका है, और 101 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अगले दिन घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की।


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