हमीदिया हॉस्पिटल से वार्ड ब्वायो को निकालने के बाद मरीज परेशान, परिजन स्वयं ढूंढ रहे स्ट्रेचर-व्हील चेयर...
इन्होंने बताया कि हेल्प डेस्क में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। वह भी नहीं बता रहे हैं कि वार्ड ब्याय कहां पर हैं।

MP News : भोपाल। गांधी मेडीकल कॉलेज को आउटसोर्स कर्मचारियों को निकालना अब भारी पड़ने लगा है। पिछले एक सप्ताह से कई वार्ड ब्वाय ड्यूटी पर नहीं पहुंच रहे हैं। इससे रोगियों की परेशानी बढ़ने लगी है। परिजन स्वयं स्ट्रेचर व्हील चेयर तलाश रहे और अपने मरीज को डाक्टरों तक ले जा रहे हैं। जीएमसी ने 400 आउट सोर्स कर्मचारियों को सेवा से निकालने का नोटिस दिया था। इनकी सेवाएं 31 दिसंबर तक मान्य की गई थी।
MP News : फिर इन कर्मियों को रखने वाली कंपनी के आग्रह पर सेवा बढ़ाते हुए 20 जनवरी की गई है। जिन्हें नोटिस मिला है उनमें दो सौ वार्ड ब्याय भी शामिल हैं। अब करीब डेढ़ सौ वार्ड ब्याय ऐसे हैं, जो 31 दिसंबर के बाद ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। हमीदिया में काम की आस टूटने के बाद यह लोग दूसरी जगह रोजगार तलाश रहे हैं, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके। ऐसे में मरीज परेशान हो रहे हैं। गुरुवार को भी यही स्थिति देखी गई।
MP News : गंभीर रोगियों के मरीजों के साथ आए परिजन स्वयं अस्पताल में स्ट्रेचर तलाश रहे हैं। फिर उस पर बैठाकर अपने रोगी को डाक्टर के पास ले जा रहे हैं। रोगी के परिजन भगवान सिंह जबलपुर, अंकित सक्सेना बैतूल, करीम खान विदिशा, मोहन रैकवार रायसेन ने बताया कि यहां कोई सुनने वाला नहीं है। अस्पताल में लोगों से पूछकर स्ट्रेचर खोजनी पड़ी फिर मरीज को डाक्टर को दिखाना पड़ा। इन्होंने बताया कि हेल्प डेस्क में भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। वह भी नहीं बता रहे हैं कि वार्ड ब्याय कहां पर हैं।


