धर्म / समाज

08 अगस्त को है पुत्रदा एकादशी,जाने पूजा की सारी विधि

सावन का महीना चल रहा है और सावन के पावन अवसर पर इस बार एकादशी भी सोमवार को पड़ रहा है.एकादशी इस बार पुत्रदा एकादशी पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधि पूर्वक पूजा अर्चना की जाती है. श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 7 अगस्त को यानी रविवार को रात 11:50 पर शुरू हो रहे. इस तिथि का समापन 8 अगस्त सोमवार को रात 9:00 हो रहा है. एकादशी वाले दिन रवि योग सुबह 5:46 से प्रारंभ होकर दोपहर 2:45 तक है. ऐसे में आप इस एकादशी के दिन ध्यान पूर्वक पूजा करके अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं.आइए जानते हैं पुत्रदा एकादशी का क्या महत्व है.

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म​हत्व
एकादशी हर 15 दिन में एक बार आता है और एकादशी का व्रत बड़ा ही फलदायक होता है. इसी तरह इस बार पुत्रदा एकादशी पड़ रहा है.पुत्रदा एकादशी का महत्व क्या है चलिए जानते हैं पुत्रदा एकादशी व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए रखा जाता है. हालांकि जो लोग पुत्रदा एकादशी व्रत रखते हैं वे समस्त पापों से मुक्त हो जाते और भगवान की शरण ग्रहण करते हैं. मृत्यु के बाद स्वर्ग में वास करते हैं इसलिए पुत्रदा एकादशी का बड़ा ही महत्व है.

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आइए जानते हैं कि पुत्रदा एकादशी व्रत कैसे की जाए-

-जिस दिन पुत्रदा एकादशी व्रत रखेंगे उस दिन 7 अगस्त से ही सात्विक भोजन करें तामसिक भोजन बिल्कुल ना करें

-इस दिन सुबह से ही स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहन ले और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा का संकल्प करें

-भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को एक चौकी पर स्थापित करें. फिर पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक करें.भगवान का सूंदर श्रृंगार करें

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-अब भगवान विष्णु को पीले फूल, केला, तुलसी का पत्ता, मौसमी फल, मिठाई, खीर, पीले फूलों की माला, धूप, दीप, गंध आदि चढ़ाएं.फिर पाठ करें एकादशी का

-इसके पश्चात घी के दीपक से भगवान विष्णु की विधिपूर्वक आरती करें.पूरा दिन भगवान का मन ही मन स्मरण करे जप करे

-अगले दिन सुबह स्नान के बाद पूजन करें. फिर किसी ब्राह्मण को वस्त्र, अन्न आदि का दान करें और दक्षिणा दें.

-फिर सुबह 05:47 बजे से सुबह 08:27 बजे के मध्य कभी भी पारण करके पुत्रदा एकादशी व्रत को पूरा करें.

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