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दंतेवाड़ा कलेक्टर ने ली जिला स्वास्थ्य समिति, महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक, डोर टू डोर वैक्सीनेशन करने के दिए निर्देश…

दंतेवाड़ा, फकरे आलम। कलेक्टर विनीत नंदनवार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त बैठक ली। बैठक में विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। उन्होंने संस्थागत प्रसव के बढ़ावा पर जोर देते हुए कहा कि शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव हो। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को चिन्हांकित कर नियमित जांच, उचित उपचार एवं निरन्तर मॉनिटरिंग करते हुए विशेष ध्यान रखने को कहा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती माताओं, हाई रिस्क महिलाओं को उचित पोषक आहार दें।

आयरन फोलिक एसिड नियमित रूप से देते हुए निगरानी रखें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में पंजीयन हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर सुरक्षित प्रसव के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिले में संचालित प्री बर्थ वेटिंग रूम को क्रियाशील कर सुरक्षित प्रसव के लिए महिलाओं को नियमित रूप से केंद्र में लाने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित आरसीएच वेब पोर्टल में गर्भवती माताओं के रजिस्ट्रेशन करने को कहा।

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उन्होंने कोविड टीकाकरण की जांच के साथ ही वैक्सीनेशन की डोज लगाने की विस्तार से जानकारी लेते हुए टीकाकरण कार्यक्रम के तहत छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण करने एवं डोर टू डोर जाकर वैक्सीनेशन कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बूस्टर खुराक के लिए जो पात्र हैं वे अपना बूस्टर डोज लगवाएं। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, फ्रंट लाइन वर्करों को बूस्टर डोज लगाने को कहा।

जिले के सभी आश्रम, छात्रवास में बच्चों की एनीमिया की जांच की जानकारी लेते हुए जांच में विभिन्न श्रेणी में मिले एनीमिक बच्चों का निरन्तर मॉनिटरिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि सीवियर मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर उचित उपचार कराएं। माइल्ड और मोडरेट एनीमिक बच्चों को टेबलेट की खुराक देने के साथ ही निरंतर मॉनिटरिंग करें।

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उन्होंने जल जनित बीमारियों जैसे डायरिया, मलेरिया, डेंगू से रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही कहा कि शत प्रतिशत मच्छरदानी का वितरण कर इसकी उपयोगिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिले में चल रहे सुपोषण केंद्रों की जानकारी लेते हुए कुपोषण की दर में कमी लाने हेतु दी जा रही सप्लीमेंट के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि डाइट चार्ट के हिसाब रेडी टू ईट का वितरण करें। दोनों विभागों को समन्वय के साथ सभी पोषण पुनर्वास केंद्रों में कुपोषित बच्चों को रखने के लिए रोस्टर के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही समन्वय कर कार्य मे प्रगति लाते हुए अपने-अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने को कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ आकाश छिकारा, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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