विधायक की लोकप्रियता से बौखला रहे भाजपाई नेता-कुमार कोरेटी

हरदीप छाबड़ा,अंबागढ़ चौकी: मोहला ब्लाक के पूर्व जनपद सदस्य व कांग्रेस के आदिवासी नेता कुमार कोरेटी ने बयान जारी करके कहा है कि मोहला मानपुर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक व संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी के द्वारा क्षेत्र के कोने-कोने के गांव में जन चौपाल के माध्यम से छोटी-छोटी समस्याओं का निराकरण करके आमजन का हमदर्द बन जाने से कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के पेट में दर्द उठ रहा है। क्षेत्र में नेतृत्व विहीन हो चुके भाजपा के लोग जमीन में लोगों की मदद करने के बजाय सोशल मीडिया में झूठे आरोप लगाने को ही जनसेवा समझ रहे हैं । मगर क्षेत्र की जागरूक जनता समझ चुकी है कि पिछले 15 वर्ष तक भाजपा सरकार रही तब ना इन्हें किसान याद आए, ना किसानों से वादा किया बोनस और ना ही इन्हें आदिवासियों पर हो रहा खुलेआम अत्याचार दिखाई दिया। उस समय क्षेत्र के कई किसानों को बकाया बोनस माँगने पर राजनांदगाँव में जेल भेजा गया था। आज किसानों को 2500 रुपये धान मिल रहा है। अदिवासी बैगा, सिरहा,गायता को और भूमिहीन मजदूरों को राजीव गांधी न्याय योजना से 7000 रुपये वार्षिक सहयोग मिल रहा है। पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष बार-बार आरोप लगा रहे हैं कि आदिवासी समाज की आवाज विधायक नहीं उठा रहे हैं लघु वनोपज क्यों नहीं खरीदा जा रहा है। जबकि इसके उलट विधायक इंद्रशाह मंडावी के द्वारा सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र दोरदे हुरेली बुकमरका पेंदोडी जैसे गांव में पक्की सड़क पहुंचा दिए। दोरदे, कारेकट्टा जैसे गांव में हॉस्पिटल बनवाकर स्वयं वंहा पंहुच रहे हैं।

आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करने के उद्देश्य से गाँव गाँव में देवगुडी निर्माण व 5-5 लाख के 14 गोटुल भवन की स्वीकृति मानपुर ब्लाक में दिलाएँ है। विधानसभा क्षेत्र के सभी स्कूलों को स्मार्ट स्कुल बनाकर बच्चों के स्मार्ट फ्यूचर का रास्ता बना दिये । स्वामी आत्मान्द अंग्रेजी माध्यम के स्कूल तीनो ब्लाक में खुलवाएं है। आदिवासी बच्चों की दिक्कतों को देखते हुए 100 -100 सीटर दो नये बालिका छात्रावास मानपुर में स्वीकृति दिलाए है। सांथ ही विधानसभा क्षेत्र के कई गाँव में स्कुल, पुल पुलिया नलजल योजना हेतु करोडो की स्वीकृति दिलाएँ है।

मोहला मानपुर आदिवासी क्षेत्र की प्रमुख मांग को प्रदेश के मुखिया के समक्ष सदन में मजबूती से उठाकर नवीन जिला मोहला मानपुर चौकी एवं दूरस्थ अंचल औंधी, खडगांव को तहसील का दर्जा दिलाया है , वर्ना तो पिछले 15 वर्षों से भाजपाई जिले का सपना दिखा दिखा के जुमलेबाजी करते रहे । आज वनों के सभी 65 लघु वनोपज को कांग्रेस सरकार उचित दर पर गांव गांव में महिला समूह व वन सहकारी समितियो के माध्यम से समर्थन मूल्य पर खरीद रही है। वंही तेंदूपत्ता की कीमत 2500 से बढ़ाकर 4000 रुपए मानक बोरा में खरीदी हो रही है।

कांग्रेस सरकार की नीति से उत्साहित हो कर क्षेत्र के 13 गांव के ग्राम सभा ने राष्ट्रीयकृत हो चुके तेंदूपत्ता का स्वयं संग्रहण कर ठेकेदार को बेचने का निर्णय लिया और शासन को आवेदन भी किया है किंतु पेसा कानून लागू नहीं होने कारण शासन के द्वारा उचित समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश की भूपेश सरकार ऐसे ग्रामसभाओं को और अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से वन संसाधनों का संपूर्ण अधिकार देने के लिए वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन संसाधन अधिकार पत्र (सीएफआर) दे रही है । जिससे तहत वनोंपज को स्वयं बेचना प्रबंधन करना ग्राम सभा को पहले से ज्यादा सरल हो जायेगा। नवीन जिले के कई गाँव को सीएफआर पत्र प्राप्त हो चुका है।

सांथ ही सरकार बहुत जल्द पेसा कानून भी लागू करने की तैयारी कर चुकी है। वरना तो पिछली रमन सरकार के दौर में बस्तर से सरगुजा तक, आदिवासी, ग्राम सभा, पेसा कानून की बात करने वालों को झूठे नक्सली केस में जेल भेज दिया जाता था, मानपुर ब्लॉक के खुर्सेकला गांव में पत्थलगड़ी ग्रामसभा गठन मात्र से क्षेत्र के आदिवासी नेता को जेल भेज दिया गया था। जिस कारण पूरे आदिवासी क्षेत्र की जनता 15 साल तक दहशत में पारंपरिक ग्राम सभा व पेसा कानून का नाम लेने से भी डरते थे।

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किंतु अब क्षेत्र के कई युवा पेसा कानून, वन संसाधन अधिकार और पारंपरिक ग्राम सभा के गठन हेतु निर्भक हो कर कार्य कर रहे हैं। अब क्षेत्र का आदिवासी समाज जान चुका है की जिन लोगों को अदिवासी शब्द से ही ऐतराज है ऐसे भाजपाइयों का आदिवासी प्रेम मात्र दिखावा है। जब इनके पास विकास का कोई मुद्दा नहीं बचा तो धर्म नाम पर भोले भाले लोगों को आपस लड़ाने की साजिश रच रहे हैं।

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