सिमगा ब्लॉक के कृषि प्रधान ग्राम में 5 स्पंज आयरन प्लांट होंगे स्थापित, महापंचायत मिलकर करेगा पुरज़ोर विरोध 

मृत साहू, भाटापारा: सिमगा विकासखंड में प्रस्तावित स्पंज आयरन फैक्ट्री का विरोध शुरू हो चुका है। दो दर्जन से ज्यादा गांव के किसान फैक्ट्री लगाने के विरोध में लामबंद हो चुके हैं। किसान नेता शैली भटिया और पूर्व जनपद सदस्य के नेतृत्व में हजारों किसान जुट चुके हैं, गौरतलब है कि सिमगा कृषि प्रधान क्षेत्र है इस क्षेत्र का मुख्य व्यवसाय कृषि है सिमगा क्षेत्र के निवासी धान, दलहन, तिलहन, सब्जी और फलों का उत्पादन करते है. यहां आय का प्रमुख स्रोत खेती है, ऐसे में प्लांट लगा तो किसानों को नुकसान होना तय है। इस क्षेत्र में 4 से 5 में  स्टील प्लांट की स्थापना की तैयारी की जा रही है. इससे कृषि क्षेत्र के साथ-साथ फसल उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा, प्रदूषण की समस्या ग्रामीणों को झेलना पड़ेगा, आस पास के गांव उद्योग लगने से कृषि कार्यों में, प्लांट से निकलने वाले धुंए, वेस्ट वाटर और अपशिष्ट पदार्थों से कृषि कार्य के साथ-साथ आम जन जीवन प्रभावित होगा। एक समय के बाद यहां कृषि कार्य समाप्त हो जाएगा. जिससे किसानों के सामने जीवकोपार्जन के लिए आर्थिक समस्या उत्पन्न हो जाएगी. इसलिए किसान इसका विरोध कर रहे हैं। इसी सम्बंध मे सिमगा ब्लाक के जनप्रतिनिधि व किसानो से उक्त सम्बंध पर राय जानने पर एकजुट होकर पर्यावरण व खेती के हित के दृष्टिकोण से विरोध महापंचायत व सर्वदलीय मंच का गठन कर विरोध किये जाने कि बात कही जा रही है। 

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सिमगा ब्लॉक के अंतर्गत 5 स्पंज आयरन की फैक्टरी खोले जाने की जानकारी मिल रही है। इसके खुल जाने से 22 गाँव सहित 15 से 20 हजार हेक्टेयर उपजाऊ खेतिहर जमीन बंजर हो जायेगी जिसे बचाने का प्रयास किया जायेगा। जिसका विरोध 22 जून को होने वाले अकलतरा जनसुनवाई मे रखा जायेगा। उक्त फैक्टरीयाँ प्रमुख रुप से झेरिया, कामता, चोरेंगा गाँव मे खोले जाने की संभावना है, जो यह सभी क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र के अंतर्गत आता है। साथ ही राज्य सरकार नरवा, गरवा, घुरवा, बाडी को प्रकृति का चार चिन्हारी मानकर चल रहे है, इसका अस्तित्व भी खत्म हो जायेगा। इसका विरोध किसानों के साथ मिलकर किया जायेगा जो पूरी तरह गैरराजनीतिक होगा।

  • शैली भाटिया, किसान नेता, सिमगा ब्लॉक

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सर्वदलीय बैनर तले सिमगा ब्लॉक मे स्थापित होने जा रहे उद्योग पर्यावरण व कृषि हित के दृष्टिकोण से नुकसानदेह के रुप मे देखा जा रहा है, इस पर विराम लगाये जाने हेतु प्रथम कडी के अंतर्गत 22 जून को अकलतरा जनसुनवाई मे आपत्ति दर्ज कराया जायेगा। वही 31 मई को हजारों के संख्या मे कारवाई को रोके जाने हेतु जिलाधीश के समक्ष बलौदाबाजार जायेंगे व महापंचायत का भी गठन किया जायेगा। जो   क्रमशः शांति पूर्वक चरण बध्द आंदोलन होगा।

  • बसंत आडिल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य

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कृषि प्रधान गाँव मे प्लांट का आना दुखद है। कृषि को बढावा देने भाटापारा शाखा नहर का विस्तार किया गया है, जिसका औचित्य फिर 22 गाँव के किसानों के लिये खत्म हो जायेगा, स्थानीय ग्रामवासी बेरोजगार हो जायेंगे, कंपनी सिर्फ काम देने का झासा देता है जो उचित नही है। यह किसानों के साथ कुठाराघात है। 

  • रामलाल साहू, सम्बंधित गाँव का किसान

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खेती बाडी खत्म हो जायेगा, पर्यावरण  प्रदूषित होने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति नष्ट हो जायेगा, पशु पक्षी का भी अस्तित्व खतरे मे आ जायेगा जो यह नही होना चहिये। 

  • गोवर्धन साहू, सम्बंधित गाँव का किसान

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परंपरागत खेती खत्म हो जायेगा जो फेक्टरी स्थापित होगा वह बिना  पर्यावरण को नुकसान पहुचाये क्या कृषि फसल उत्पादन कर दे सकता है? नही अपितु खेतिखार से पर्यावरण संरक्षित भी रहता है व लोगों को खाने अन्न भी मिलता है। इसी कारण किसान को धरती पुत्र कहा जाता है, जब जल जंगल जमीन का अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा तो किसान की पहचान भी खत्म हो जायेगी।

  • जेठूराम ध्रुव, ग्राम झिरिया का किसान

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सिमगा ब्लॉक के अंतर्गत 4 प्लांट लगने कि सम्भावना है जो की उद्योग विभाग से आए पत्र के आधार पर है। अगर कंपनी शासन की निर्धारित शर्तों का पालन करता है तो निश्चित गाँव व शहर के विकास के दृष्टिकोण से इसका विरोध करना अवैधानिक है। महापंचायत को कंपनी के खोले जाने के महत्व व उद्देश्य को लेकर जागरूक कर अवगत कराया जायेगा।

  • डीके. माहेश्वरी, अनुविभागीय राजस्व अधिकारी

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यदि उद्योग दो शर्तो का पालन करे तो हम किसी भी उद्योग के विरोध में नहीं रहते। पहला सम्बन्धित उद्योग शासन के  

पर्यावरण, ग्रामीण विकास, स्थानी रोजगार में प्राथमिकता आदि का पालन करें। दूसरा जिस गांव में उद्योग डाला जा रहा है काम प्रारंभ करने से पहले संबंधित ग्राम की जनता का विश्वास जीते। ग्राम सभा और ग्राम पंचायत का प्रस्ताव प्राप्त करें।

सुनील माहेश्वरी.. वरिष्ठ कांग्रेसी नेता

विधायक शिवरतन शर्मा भाटापारा विधान सभा 

इसी सम्बंध मे क्षेत्र के मुखिया शिव रतन शर्मा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा की भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार उद्योगपतियो से समझौता कर  प्लांट खोले जाने की स्वीकृति दे रही है ,उक्त मुद्दे पर गाँव वालों से किसी भी प्रकार की सहमति  नही ली गई, गाँव वाले अगर इसका पुरजोर विरोध करते है तो मे ग्रामवासियों के साथ रहूँगा

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