स्वर्णिम विजय मशाल : pakistan पर जीत की ख़ुशी में ‘स्वर्णिम विजय वर्ष स्मरणोत्सव’ का आयोजन

12 अक्टूबर को जबलपुर से निकल कर 13 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ पहुँचेगी स्वर्णिम विजय मशाल

रायपुर | 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की Pakistan पर जीत के उपलक्ष्य में 16 दिसंबर “विजय-दिवस” के रूप में मनाया जाता है। जीत के 50 साल का स्मरणोत्सव ” स्वर्णिम विजय वर्ष” के रूप में श्रद्धांजलि स्वरूप चित्रकारी प्रतियोगिता आयोजित किया जा रहा है। विदयालय अध्यक्ष कैप्टन अंकुर ढिल्लन एवं प्राचार्या सौम्या रघुवीर ने बताया इसी क्रम में “स्वर्णिम विजय मशाल”  छत्तीसगढ़ वैंकटेश्वर सिग्नेचर स्कूल को इस यात्रा के लिए शामिल किया गया है। इसका आयोजन 13 अक्टूबर को किया जाना है।

इस दौरान राज्य में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसमें हर वर्ग के लोग शामिल हो सकते हैं यहाँ तक प्रोफ़ेशनल लोग भी शामिल हो सकते है। चित्रकारी के बाद सभी प्रतियोगी, अभिभावकों तथा गणमान्य अतिथियो के समक्ष सीमा सुरक्षा बल तथा आर्मी दवारा युद्ध मे प्रयोग किये जाने वाले शस्त्रों का प्रदर्शन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि भारत-पाक युद्ध 3 दिसंबर 1971 को शुरू हुआ, जब पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में भारतीय वायुसेना के ठिकानों पर हमले किये। पश्चिमी और पूर्वी मोर्चों पर भारतीय सशत्रबलों द्वारा इस पर त्वरित प्रतिक्रिया की गई। भारतीय सशत्रबलों ने निर्णायक कार्रवाई में पूर्वी पाकिस्तान में ढाका पर कब्जा कर लिया, जिसके फलस्वरूप 92 हज़ार से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया और एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में बांग्लादेश का उदय हुआ। इस युद्ध में भारत ने एक शानदार जीत हासिल की। युद्ध में भाग लेने वाले हमारे बहादुर सैनिकों को सम्मान देने के लिए और जनता, विशेष रूप से युवा पीढ़ी में गर्व की भावना उत्पन्न करने के लिए “स्वर्णिम विजय मशाल” प्रज्वलित की गई है। देश के इतिहास की इस बड़ी उपलब्धि पर प्रत्येक भारतीय देशभक्त गर्व महसूस करता है।

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