आज से सभी के लिए लागू हुए नए Rule, जानना है बेहद जरुरी

1 अक्टूबर से लोगों के लिए कई चीजें बदल गई हैं।  इसका सीधा असर आपके दैनिक जीवन पर पड़ेगा. नए नियमों के लागू होने से बैंकिंग, शेयर मार्केट और वेतन-पेंशन से जुड़े काम करने के तरीके बदल जाएंगे. 80 वर्ष या इससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन पाने के लिए डिजिटल तरीके से जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों को ऑटो डेबिट के लिए पहले ग्राहकों की मंजूरी लेनी होगी. इसके अलावा तीन बैंकों के चेक बुक भी 1 अक्टूबर से पुराने हो जाएंगे। अहम बदलावों के बारे में जानकारी इस तरह से है

पेंशन नियमों (Rules) में अहम बदलाव

कल से 80 वर्ष या इससे अधिक की उम्र के पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा मिलेगी. वे देश के सभी मुख्य डाकघरों के जीवन प्रमाण केंद्रों में जमा कर सकेंगे. लाइफ सर्टिफिकेट पेंशनर के जीवित होने का प्रमाण होता है. बाकी पेंशनर्स 1-30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे.

वेतन का 10% म्यूचुअल फंड में निवेश

फंड में निवेशम्यूचुअल फंड निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सेबी ने म्यूचुअल फंड हाउस में काम करने वाले कर्मियों के लिए नया नियम जारी किया है जो कल से प्रभावी हो जाएगा. इस नियम के तहत एसेट अंडर मैनेजमेंट कंपनी यानी कि म्यूचुअल फंड हाउस के जूनियर कर्मियों की ग्रॉस सैलरी का 10 फीसदी हिस्सा म्यूचुअल फंड इकाई में निवेश करना होगा. यह नियम चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और 1 अक्टूबर 2023 से यह निवेश बढ़कर 20 फीसदी हो जाएगा.

तीन बैंकों के चेकबुक हो जाएंगे बेकार

अगर आपका बैंक खाता इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank), ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (United Bank of India) में है तो सावधान हो जाएं. इन तीन बैंकों के चेकबुक औऱ एमआईसीआर कोड कल से इनवैलिड हो जाएंगे. इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में हुआ है और 1 अप्रैल 2020 से यह विलय प्रभावी हो चुका है. वहीं ओबीसी और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हुआ था जो 1 अप्रैल 2019 से प्रभावी हो चुका है.

ऑटो डेबिट का बदल जाएगा नियम

कल 1 अक्टूबर से ऑटो डेबिट का नया नियम (Rule) लागू हो जाएगा. इसके तहत बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को हर बार 5 हजार रुपये से अधिक राशि के किश्त या बिल पेमेंट के लिए ग्राहकों या यूजर्स से मंजूरी लेनी पड़ेगी. इससे पहले एक निर्धारित तिथि को बैंक या मोबाइल वॉलेट अपने आप खाते से पैसे काट लेते थे और इसका मैसेज ग्राहकों के पास आता था.

डीमैट और ट्रेडिंग खाते में नॉमिनी का उल्लेख जरूरी

कल से खुलने वाले सभी डीमैट और ट्रेडिंग खातों के लिए नॉमिनी का उल्लेख करना जरूरी है. अगर कोई निवेशक खाता खोलते समय नॉमिनी का उल्लेख नहीं करना चाहता है तो इसके बारे में डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर बताना होगा. इसके अलावा पुराने डीमैट व ट्रेडिंग खाताधारकों को, जिन्होंने नॉमिनी का उल्लेख नहीं किया है, उन्हें अगले साल 31 मार्च 2021 तक का समय दिया गया है. अगर वे ऐसा नहीं करना चाहते हैं तो उन्हें डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा. ऐसा नहीं करने पर ट्रेडिंग और डीमैट खाते फ्रीज हो जाएंगे.

केवाईसी अपडेट नहीं हुई तो डीमैट खाता हो जाएगा निष्क्रिय

अगर आप शेयरों में निवेश करते हैं तो आपके पास डीमैट खाता भी होगा. हालांकि अगर आपने इसकी केवाईसी को अपडेट नहीं किया है तो इसे आज ही अपडेट करा ले नहीं तो यह कल निष्क्रिय हो जाएगा. पूंजी बाजार नियामक सेबी ने पहले इसके लिए 30 जुलाई 2021 तक का समय दिया था जिसे आगे बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया. डीमैट खाता निष्क्रिय होने पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा अगर आपने किसी कंपनी के शेयर खरीदे हैं तो इसे तब तक डीमैट खाते में ट्रांसफर किया जाएगा, जब तक इसकी केवाईसी नहीं पूरी हो जाती है.

 

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