डॉक्टरों का है कहना: नाजुक है दिल, इसका खयाल रखना जरूरी

आधुनिक जीवनशैली और अनदेखी से बढ़ रहा दिल की बीमारी का खतरा

रायपुर | आधुनिक जीवनशैली के चलते सर्वाधिक अनदेखी दिल के स्वास्थ्य की हो रही है, जिसका नतीजा हृदयघात या दिल की बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। हालात यह है कि कुल 751 मरीज (जनवरी 2021 से 27 सितंबर 2021 तक) दिल की बीमारी की वजह से अस्पताल पहुंचे हैं। यह हम नहीं बल्कि अंबेडकर अस्पताल कार्डियेक विभाग में पहुंचे मरीजों के आंकड़े बता रहे हैं। इसलिए जरूरी है दिल के स्वास्थ्य का ख्याल रखा जाए।

वही अंबेडकर अस्पताल कार्डियेक विभाग के बीते वर्ष सितंबर 2020 से दिसंबर 2020 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो 139 लोग दिल की विभिन्न बीमारी की समस्या को लेकर अस्पताल पहुंचे हैं। इनके अलावा भी प्रतिदिन अन्य अस्पतालों, स्वास्थ्य केन्द्रों में लोग दिल की बीमारी की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। बुधवार को विश्व हृदय दिवस के मौके पर जिला अस्पताल एवं अंबेडकर अस्पताल में लोगों को इसकी जानकारी दी गई। उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन से दिल की बीमारी का सर्वाधिक खतरा देखा जा रहा है। एडवांस कार्डियक इंस्टीच्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव का कहना है हाइपरटेंशन आज सबसे आम जीवनशैली संबंधी बीमारियों में से एक है। हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप हृदय, मस्तिष्क, गुर्दे और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। प्रतिदिन उनके पास इलाज के लिए आने वालों में हर तीसरा व्यक्ति इससे पीड़ित रहता है या रह चुका है। इतना ही नहीं इससे इस्केमिक हृदय रोग, लेफ्ट वेंट्रिक्युलर हाइपरट्रोफी और हृदय गति रूकने जैसी समस्याएं हो सकती है।

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. श्रीवास्तव के मुताबिक हृदय रोग का मुख्य कारण डायबिटीज, डिप्रेशन (उच्च रक्त चाप) खान पान में असंतुलन और कोलेस्ट्रॉल माना गया है । उच्च रक्तचाप होने से हृदय में अतिरिक्त प्रेशर बना रहता है जिससे हृदय रोग होने की सम्भावना ज्यादा रहती है। डायबिटीज जैसे रोग भी ह्रदय रोगों को बढ़ाने में सहायक है क्योकि इससे खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है जिससे यह धीरे – धीरे धमनियों में जमा होने लगता हैं, जिससे रक्त में अवरोध होने से दिल का दौरा आने की संभावना बढ़ जाती है। स्वस्थ्य और दीर्धायु जीवन जीने के लिए दिल का खयाल रखना बेहद जरूरी है।

सतर्क रहें और दूसरों को भी सतर्क करें – खून के थक्कों की समस्या या अवरोध हाइपरटेंशन से हो सकती है जिससे रक्तवाहिनियां फटकर स्ट्रोक की समस्या को जन्म दे सकती है। कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है रक्तचाप खासकर उच्च रक्तचाप हाइपरटेंशन को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है। इसके लिए जीवनशैली में थोड़ा सा बदलाव और सतर्कता जरूरी होता है। दवाओं के साथ-साथ ज्यादा फल, सब्जियां, वसा रहित प्रोटीन और साबुत अनाज, कम नमक और वसा वाला आहार लेना अच्छा रहता है। जीवनशैली में बदलाव के लिए वजन कम करना, धूम्रपान निषेध, नियमित व्यायाम, भरपूर नींद लेनी चाहिए।

जिला अस्पताल में हुआ कार्यक्रम – जिला अस्पताल रायपुर में विश्व हृदय दिवस के मौके पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विशेष रूप से बच्चों में हृदय रोग संबंधी ईको, ईसीजी जांच हुई। अंबे़डकर अस्पताल कार्डियेक इंस्टीट्यूट  डॉ. स्मिथ श्रीवास्तव एवं अन्य डॉक्टर विशेष रूप से बच्चों की हृदय जांच कर अभिभावकों को हृदय रोग संबंधी जानकारी भी दी।

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