पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला का बड़ा बयान, कहा- देश के युवाओं को नशे में धकेल उनके भविष्य की ‘सुपारी’ ले रही Modi Sarkar, तीन कृषि कानून को लेकर कही ये बड़ी बात 

रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री (former union minister) राजीव शुक्ला (Rajiv Shukla) ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. राजीव शुक्ला ने कहा कि देश में जिस तरह से नशाखोरी बढ़ रही और मादक पदार्थों की तस्करी हो रही है. इससे साफ हैं  कि कही न कही केंद्र सरकार (central government) का संरक्षण मिल रहा है। इतना ही नहीं देश के युवा नशे की गिरफ्त आ रहे हैं. अफगानिस्तान और तालिबान से लगातार यहां पर हीरोइन और ड्रग्स मंगवाए जा रहे है और मोदी सरकार कुछ नहीं कर रही है. जिससे युवा बर्बाद हो रहा है. देश में बड़ी तादात में हीरोइन की खेप पकड़ाई है. इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ भारत आ रहे है और केंद्र की सरकार हाथ पर हाथ धरकर बैठी है, इसे रोकने में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।  ये बातें हिमाचल प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला ने प्रेसवार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि  13 सितंबर को 3000 किलो हीरोइन ड्रग्स-कीमत 21000 करोड़ रुपये पकड़े जाने का सनसनीखेज खुलासा सामने आया था। यह हीरोइन इरान ‘सेमिकट टेलकम पाउडर’ की फर्जी ब्रांडिंग से मेसर्स हसन हुसैन लिमिटेड, अफगानिस्तान द्वारा ईरान के माध्यम से भारत भेजे गए। यह ड्रग्स आशी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से मंगवाए गए और आशी ट्रेडिंग कंपनी के मालिक गिरफ्तार किए गए दंपति -सुधाकर मच्छावरम व गोविंद राजू वैशाली को कथित तौर से मात्र 4 लाख का भुगतान इंपोर्ट व हैंडलिंग एजेंट के तौर पर किया गया। असल ड्रग माफिया कौन है, उसका चेहरा बेनकाब ही नहीं हुआ।
वहीं  9 जुलाई 2021 को भी भी आशी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से अफगानिस्तान की मेसर्स हसन हुसैन लिमिटेड ने 25000 किलो हेरोइन ड्रग्स सेमिकट टेलकम पाउडर के नाम से आयात किए थे। इसकी कीमत 175000 करोड़ है। यह हीरोइन ड्रग्स पकड़े ही नहीं गए व अब देश के बाजार में हैं और हिंदुस्तान के नौजवानों को नशे की आग में झोंक रहे हैं। यह अपने आप में राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा भी है। सवाल ये है कि देश में कौन मगरमच्छ है जो 21000 करोड़ और एक लाख 75 हजार करोड़ की दुनिया की सबसे अधिक हीरोइन ड्रग्स मंगवा रहा है। जिस आशी टेडर्स के आयात-निर्यात के लाइसेंस पर यह माल मंगाया जा रहा है, वह तो तथाकथित तौर से छोटे-मोटे कमीशन एजेंट्स बताए जा रहे हैं। साफ है कि एक बहुत बड़ा ड्रग माफिया सरकार की नाक के नीचे फल-फूल रहा है। देश और दुनिया के इतने बड़े ड्रग्स रैकेट का खुलासा होने के बावजूद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरी तरह से चुप हैं।
पीएम मोदी को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए 
किसानों के महापंचायत को लेकर पूर्व मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा कि भारत सरकार को किसानों के तीन कृषि कानून को वापस लेकर किसानों की मांग मान लेनी चाहिए। किसानों को प्रदर्शन करते लगातार 1 साल से ऊपर हो गया है।  किसान धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं. किसानों को लेकर सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही. इस सरकार के सामने किसानों की कोई इज्जत नहीं है. केंद्र सरकार के मन में कोई भाव नहीं है और किसानों के प्रति जो रवैया सरकार अपना रही है उसका किसान आने वाले चुनाव में जवाब देगा। केंद्र की सरकार को बाहर का रास्ता दिखाएगा।
क्या प्रधानमंत्री जवाब देंगे
-175000 करोड़ के 25000 किलो हीरोइन ड्रग्स कहां गए?
– नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, डीआरआई, ईडी, सीबीआई, आईबी क्या सोए पड़े हैं या फिर उन्हें मोदी जी के विपक्षियों से बदला लेने से फुर्सत नहीं?
– क्या यह सीधे-सीधे देश के युवाओं को नशे में धकेलने का षड्यंत्र नहीं?
-. क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं, क्योंकि यह सारे ड्रग्स के तार तालिबान और अफगानिस्तान से जुड़े हैं?
-. क्या ड्रग माफिया को सरकार में बैठे किसी सफेदपोश का और सरकारी एजेंसियों का संरक्षण प्राप्त है?
– क्या प्रधानमंत्री और सरकार देश की सुरक्षा में फेल नहीं हो गए हैं? क्या ऐसे में पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज का कमीशन बना जांच नहीं होनी चाहिए?

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button