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98 प्रतिशत चुनाव हथकंडों से जीतते है उन्हें राजनेता नहीं कह सकते : स्वामी निश्चलानंद

जगदगुरु ने राजनेताओं के कारगुजारियों पर खड़ा किए सवाल,मुझें भी छत्तीसगढ़ बहुत प्यारा लगता है... मैं 2 साल 2 माह के बाद आया हूं...

रायपुर। राजधर्मं,दंडनीति और अर्थनीति राजनीति के पर्याय हैं।राजनेताओं को राजनीति की परिभाषा मालूम ही नहीं राजनीति के नाम पर उन्माद तंत्र हैं। 98 प्रतिशत चुनाव हथकंडों से जीतते है उन्हें राजनेता नहीं कह सकते। उक्त बातें सोमवार काे पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते हुए स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महराज ने कही।

राजनीतिक सवाल पर निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि नेताओं को राजनीति की परिभाषा मालूम हैं क्या..अगर राजनीति की परिभाषा नही पता है तो राजनीति कैसी ? राजनीति की परिभाषा क्या हो सकती है। वहीं प्रदेश और देश में बढ़ रहे धर्मांतरण पर निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि राजनीतिक दलों की कितनी सहभागिता धर्मांतरण में है इसका आंकलन आवश्यक है..समस्या के कारण धर्मांतरण है तो समस्या का समाधान क्यों नहीं..धर्मांतरण मानवाधिकार की सीमा में जघन्य अपराध है..शासन की दिशाहीनता धर्मांतरण का कारण है..क्रिश्चन धर्मांतरण करवाने तालिबानी शासन में नहीं जा सकते..सनातन धर्मं के सामने कोई नहीं टिक सकता हैI

उन्होंने कहा कि राजधर्मं,दंडनीति और अर्थनीति राजनीति के पर्याय हैं।राजनेताओं को राजनीति की परिभाषा मालूम ही नहीं राजनीति के नाम पर उन्माद तंत्र हैं। 98 प्रतिशत चुनाव हथकंडों से जीतते है उन्हें राजनेता नहीं कह सकते। उन्होंने कहा हमारे पूर्व गुरुदेव को भी छत्तीसगढ़ प्यारा था..2 साल 2 माह के बाद छत्तीसगढ़ आया हूं। मुझें भी छत्तीसगढ़ बहुत प्यारा लगता है। यहां के व्यक्ति भोले भाले और छल कपट से रहित हैं। लोगों ने धर्मं के प्रति अच्छी भूमिका निभाई हैं।

 

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