चक्रवाती तूफ़ान गुलाब (Cyclone Gulab), छत्तीसगढ़ में भी दिखा सकता है असर

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी-बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का सिस्टम, जो रविवार शाम तक चक्रवात में बदल सकता है

इंडिया. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का सिस्टम, जो शनिवार को एक गहरे दबाव के रूप में तेज हुआ है और रविवार शाम तक चक्रवात में बदल सकता हैI  IMD ने कहा कि चक्रवात गुलाब (Cyclone Gulab) अगले 12 घंटों में उत्तर आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा को पार कर सकता है. आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, क्षेत्र में हवा की गति 70 से 80 किमी प्रति घंटे से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने कलिंगपट्टनम – विशाखापत्तनम (Kalingapatnam – Visakhapatnam) और गोपालपुर के आसपास के क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में चक्रवात के पार होने की उम्मीद है.

अगले 24 घंटों के दौरान चक्रवात (Cyclone Gulab) के शुरू में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर और पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. आईएमडी ने ट्विटर पर कहा कि गहरा दबाव शनिवार को गोपालपुर से 470 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व और आंध्र प्रदेश में कलिंगपट्टनम से 540 किमी पूर्व में केंद्रित था. आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, सिस्टम पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में व्यापक और तेज बारिश लाएगा.

गहरे समुद्र में न जाने की सलाह

अगले तीन दिनों के दौरान, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति खराब होगी. वहीं मौसम की स्थिति देखते हुए कोस्टल गार्ड ने कम दबाव वाले क्षेत्र के मछुआरों को सतर्क कर दिया है. उन्हें 25 सितंबर से अगली सूचना तक गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. IMD ने 26 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और अगले दो दिनों में ओडिशा और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश के कारण सड़कों पर स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जलभराव की भविष्यवाणी की है.

एक और चक्रवाती सर्कुलेशन की भविष्यवाणी

वहीं विशेष राहत आयुक्त (SRC) ने ओडिशा ने मौसम के पूर्वानुमान के मद्देनजर सभी जिला कलेक्टरों को सतर्क रहने को कहा है. यह मॉनसून के मौसम का दूसरा डिप्रेशन भी है. जून और अगस्त के बीच कोई डिप्रेशन नहीं बना. IMD ने 28 सितंबर के आसपास एक और चक्रवाती सर्कुलेशन की भविष्यवाणी की है, जिससे पूर्व और मध्य भारत में बारिश का एक नया दौर आने की उम्मीद है.

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