सीबीआई CBI सुलझाएगी महंत नरेंन्द्र गिरी की मौत की गुत्थी, जांच टीम गठित

नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत पर काफी सवाल उठ रहे है। महंत नरेंद्र गिरि ने खुदकुशी की या उनकी हत्या की गई, इसका पता लगाने के लिए अब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने मामले को अपने हाथों में ले लिया है। 6 सदस्यी जांच टीम गठित कर मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (ABAP) के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की संदिग्ध मौत अभी भी ‘रहस्यमयी’ बनी हुई है। हालांकि, सीबीआई नेअब महंत गिरी के मामले की जांच करेगी। महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या के कुछ देर बाद का वीडियो सामने आने के बाद मामला और उलझ गया है। वहीं शक के आधार पर महंत के शिष्य आनंद गिरी (Anand Giri) समेत कुछ लोगों को गिरफ्तार कर भी लिया गया है. बता दें कि योगी सरकार (Yogi Govt) ने मामले की जांच सीबीआई (CBI) से कराने की सिफारिश की थी।

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गृह विभाग ने सीबीआई (CBI)से जांच कराने की सिफारिश की। गृह विभाग के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि की मौत से जुड़े प्रकरण की मुख्यमंत्री के आदेश पर सीबीआई (CBI) से जांच कराने की संस्तुति की गई है। महंत नरेंद्र गिरि सोमवार शाम श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के गेस्ट हाउस स्थित कमरे में मृत पाए गए थे।

महंत की संदिग्ध मौत मामले में ताजा घटनाक्रम

उधर, महंत नरेंद्र गिरी की ‘रहस्यमय’ मौत के मामले में एक नया वीडियो सामने आया है, जो घटनाक्रम का आखिरी वीडियो बताया जा रहा है। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने साइट से मिले आखिरी वीडियो को एक्सेस किया। इसमें देखा जा सकता है कि उनके कमरे में पंखा अभी भी चालू था और नरेंद्र गिरि का शव फर्श पर पड़ा था।

इस दौरान पुलिस को घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ करते हुए सुना गया। लेकिन सवाल पंखे को लेकर उठे हैं, क्योंकि यह कहा गया था कि इसी पंखे से महंत नरेंद्र गिरि लटके हुए थे। इतना ही नहीं, जिस रस्सी से महंत का शव लटका हुआ था, वह तीन भागों में कटी हुई दिखाई दे रही थी और कमरे में एक चाकू भी देखा गया था।

अन्य आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

 गुरुवार को इलाहाबाद की एक अदालत ने मामले में एक अन्य आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जिला शासन के वकील गुलाब चंद्र अग्रहरी ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि मामले के तीसरे आरोपी संदीप तिवारी की जमानत याचिका मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हरेंद्र नाथ की अदालत में सुनवाई के दौरान खारिज कर दी गई। इससे पहले मुख्य आरोपी आनंद गिरि और ‘बड़ा हनुमान मंदिर’ के मुख्य पुजारी आद्या तिवारी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।

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