तीज के दिन धरने पर बैठी महिलाएं

रायपुर। राजधानी रायपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता(anganwadi worker) एवं सहायकों द्वारा बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर बड़ी संख्या में आकर धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में विभिन्न गांव एवं जिलों से आंगनबाड़ी महिलाओं (anganwadi worker) ने अपना विरोध प्रदर्शन किया।

आंगनबाड़ी महिलाओं(anganwadi worker) का कहना है कि जिस प्रकार कोरोनाकल में उन्होंने लगातार अपने प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं तहसीलों में कार्य किया जिसमें कई महिलाओ की मृत्यु हो गई लेकिन शासन द्वारा उन्हें ना प्रोत्साहन राशि दी गई और ना ही किसी को बीमा का लाभ दिया गया। उनका कहना है की अपने विभाग का कार्य करते हुए जिन महिलाओ ने अपने प्राणों की आहुति दी उनके परिवार वालों को एक मुश्त राशि प्रदान की जाए।

महिलाओं कहा है कि विभिन्न राज्यों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अधिक वेतन मिलता है जिसकी तुलना में छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी में कार्य करने वाली महिलाओ का वेतन बहुत ही काम है। महिलाओं ने बताया कि उनकी सबसे प्रमुख मांग है की उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए और सेवा समाप्ति के बाद कार्यकर्ताओं को 5 लाख एवं सहायिकाओं को 3 लाख की राशि प्रदान की जाए.

इससे पहले भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 51 दिवसीय धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगो को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौपा जा चूका है। उन्होंने बताया की जिस समय उनके द्वारा धरना किया गया था उस समय भाजपा की सरकार थी तब भूपेश बघेल ने उनसे ये वादा किया था की जब उनकी सरकार आएगी तब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सभी मांगो को पूरा करेगी ये कह कर उनका आंदोलन समाप्त करवाया गया था,परन्तु कांग्रेस के इतने साल पुरे हो जाने के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगो को पूरा नहीं किया है।

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