जिले मे डेंगू बीमारी से किसी भी मृत्यु की रिपोर्ट नहीं, डेंगू मरीजों के लिए 40 बेड आरक्षित

रायपुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर डॉ मीरा बघेल ने बताया कि रायपुर जिले मे डेंगू बीमारी (dengue disease) से किसी भी मृत्यु की रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि नेशनल वेक्टर बाॅर्न डिसीज नियंत्रण कार्यक्रम मे एलाईजा धनात्मक को ही कन्फर्म केस माना जाता है,आर डी किट धनात्मक को नहीं। NS1 तथा अन्य वायरस से भी positive आ जाता है सिर्फ Elisa टेस्ट ही confirmed test होता है

सभी अठारह शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से लगातार सर्वेलेंस का कार्य जारी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि रायपुर के सभी अठारह शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के माध्यम से लगातार सर्वेलेंस का कार्य जारी है। जिले के सभी शासकीय अस्पतालों मे डेंगू (dengue disease) टेस्ट किट उपलब्ध है।

जिला अस्पताल, पंडरी मे डेंगू (dengue disease) मरीजों के लिए तीस बेड और आयुर्वेदिक अस्पताल ,डंगनिया में दस बेड आरक्षित हैं। वर्तमान में कुल आरक्षित चालीस बेड में अड़तीस बेड रिक्त हैं। जिले में डेंगू से बचाव और रोकथाम के लिए लगातार प्रचार – प्रसार का कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रामनगर निवासी तेरह वर्षीय नेहा सोनी की मृत्यु मेकाहारा मे हुई थी। वह लीवर की बीमारी के ईलाज के लिए भर्ती हुई थी। उसका डेंगू एलाईजा टेस्ट धनात्मक था।

पेटल्स अस्पताल में एक बच्ची की मृत्यु हुई थी जिसका आर डी किट मे डेंगू धनात्मक बताया गया। उसे टी बी एम की बीमारी थी और उसे सिकलिंग था। उसका एलाइजा टेस्ट नहीं हुआ था। पेटल्स अस्पताल को भी नोटिस जारी कर कार्यवाही की जा रही है।

एम एम आई हास्पीटल में अभनपुर निवासी की मृत्यु हुई थी। जिनका आर डी टेस्ट डेंगू धनात्मक बताया गया लेकिन एलाईजा टेस्ट हेतु सीरम नहीं भेजा गया गया था। इसी तरह एम एम आई मे भर्ती रही डिंपल अग्रवाल की मृत्यु हुई है। इनका भी आर डी धनात्मक रिपोर्ट बताया जा रहा है लेकिन एलाईजा जाँच हेतु सैंपल नहीं भेजा गया, जिससे डेंगू की पुष्टि की जा सके। एम एम आई हास्पीटल को भी दोनों प्रकरण मे नोटिस जारी कर कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है एडिस कि एडिस मच्छर के काटने से डेंगू होता है । यह मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन के समय काटता है । लोगों को समझाइश दी गई है कि वे दिन के समय पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहने। इसी तरह जहां कहीं भी पानी खुले में है उसे ढक कर रखें। वर्तमान में रूक रूककर बरसात हो रही है जिससे मच्छर के प्रजनन उत्पत्ति मे वृध्दि हो रही है। मच्छर से बचाव ही सबसे कारगर उपाय है डेंगू से बचाव का। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी डेंगू मरीजो को मेडिकेटेड मच्छरदानी उपलब्ध करायी जा रही है।

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