एनआइटी के नौ छात्रों को 32 लाख और 10 छात्रों को 20 लाख का पैकेज आफर

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के राष्ठ्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में नौ छात्रों को 32 लाख और 10 छात्रों को 20 लाख का पैकेज आफर किया गया है। एनआइटी में चल रहे प्लेसमेंट के में बहुत सारी राष्ठ्रीय, बहुराष्ट्रीय कम्पनियां और स्टार्टअप्स कैंपस में प्लेसमेंट के लिए आ रही हैं। इसी कड़ी में अमेरिकन बहुराष्ट्रीय कम्पनी अमेजन और जर्मन बहुराष्ट्रीय कम्पनी डोयचे बैंक भी कैंपस प्लेसमेंट्स में पहुंची थी।

अमेज़न ने साफ्टवेयर डेवलपर इंजीनियर रोल के लिए कैंपस से 9 अंडरग्रेजुएट छात्र चुने जिसमे इनफार्मेशन टेक्नोलाजी ब्रांच के अमित पोरवाल, योगेश शर्मा, मधुर सेंगर, शशांक तिवारी, आयुषी जैन एवं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के वीरेन खत्री, अचिन्त्य पटेल, अनन्य शर्मा, अंजली पाटले शामिल हैं । अमेज़न ने फुल टाइम एम्प्लॉयमेंट के लिए 32.2 लाख के पैकेज का आफर दिया है और पोस्टग्रेजुएट छात्र हर्षित अरोरा (एमसीए) को 6 माह के इंटरशिप (an internship) के लिए चयन किया हैं ।

डोयचे बैंक ने टेक एनालिस्ट रोल के लिए कैंपस से 9 अंडरग्रेजुएट छात्र चुने जिसमे इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी से आशीष कुमार, ऋचा सिंह, सौरभ शुक्ला, श्री सत्यलक्ष्मी, पांडे तेजप्रताप एवं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग से साक्षी भंडारकर, अभिजीत दिक्षित,कुशाग्र जायसवाल, श्रुति मित्तल शामिल हैं और एक पोस्टग्रेजुएट छात्रा गायत्री बासुदे (एमसीए) हैं । इन छात्रों को फुल टाइम एम्प्लायमेंट के लिए 19.68 लाख के पैकेज का ऑफर दिया गया है।

छात्रों का व्यक्तिगत अनुभव

1.आशीष कुमार ( डोयचे बैंक )
मैंने फर्स्ट ईयर से ही कोडिंग चालू कर दी थी। मैं प्रतिदिन नियम से कोडिंग करता था। मैं रोज 5 से 6 घण्टे कोडिंग करता था। डाटा स्ट्रक्चर एंड अल्गोरिथ्म्स पर अच्छी पकड़ होने के बाद थ्योरी सब्जेक्ट्स को भी अच्छे से पढ़ा। सीनियर्स और दोस्तों का पूरा सहयोग मिला। तैयारी के दौरान कई बार डेमोटिवेशन जैसा लगने पर दोस्तों ने हौसला बढ़ाया। शुरुआत में कुछ कम्पनीज में सिलेक्शन नई हुआ पर मैंने हिम्मत नहीं हारी । कोशिश करता रहा और थर्ड ईयर में मुझे ड्यूश बैंक में इंटर्न करने का मौका मिला। इंटर्नशिप के परफॉर्मन्स को देख कर कंपनी ने प्री प्लेसमेंट ऑफर दिया। मैं इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता – पिता, भाई, सीनियर्स और दोस्तों को देता हूं ।

2.साक्षी भंडारकर (डोयचे बैंक)
डोयचे बैंक के साथ मेरा इंटर्नशिप (an internship) अनुभव सीखने के स्तर, ज्ञान और एक्सपोजर के मामले में जबरदस्त रहा है। मैंने एक प्रोजेक्ट पर काम किया जिसमें मुझे एक वेब पोर्टल के यूआई को विकसित करने और सर्वर के साथ एकीकरण करने के लिए शामिल किया गया था।

इंटर्नशिप (an internship) के अनुभव ने न केवल मेरे तकनीकी कौशल को बढ़ाया है बल्कि मुझे एक यह भी पता चला कि निवेश बैंक कैसे काम करता है, और उसके व्यापार की एक झलक देखने को मिला। ड्यूश बैंक की कार्य संस्कृति अत्यंत समृद्ध और लचीली है और मेरे अनुभव में मेरे सहायक प्रबंधक, संरक्षक और मेहनती साथियों का होना शामिल है, जिन्होंने इस अनुभव को वास्तव में सार्थक बनाया।

मुझे स्पष्ट रूप से याद है कि जब ड्यूश बैंक हमारे बैच से इंटर्न की भर्ती के लिए पहली बार आया था, तो ड्यूश बैंक जैसी कम्पनी में इंटर्नशिप एक सपने जैसा लग रहा था। ड्यूस बैंक से प्री-प्लेसमेंट आफर मिलने के बाद अब भी यह सपने जैसा लगता है, मुझे खुशी है कि जिसके लिए मैंने परिश्रम किया आज वहाँ पर मैं हूं ।

3. अमित पोरवाल (अमेज़न)
तैयारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा डाटा स्ट्रक्चर एण्ड एल्गोरिदम है। मैंने विभिन्न कोडिंग प्लेटफार्म पर इसका अभ्यास किया है। तैयारी का सबसे अच्छा हिस्सा स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल था जो हमारे यहां एनआईटी रायपुर में है, जब भी किसी को जरूरत होती है तो हम सभी एक-दूसरे की मदद करते थे, जिससे मुझे अपने विकास में बहुत मदद मिली और मैं इसके लिए अपने दोस्तों और सीनियर्स को धन्यवाद देना चाहता हूं । फिर मैंने प्रोजेक्ट तैयार किए और थ्योरी विषयों को पढ़ा।
मेरे पास कोई इंटर्नशिप नहीं थी इसलिए मैं इसे लेकर थोड़ा नर्वस था लेकिन मेरे आसपास के लोगों ने मुझे सकारात्मक रखा। मेरे साक्षात्कार मुख्य रूप से डीएसए और मेरी प्रोजेक्ट पर केंद्रित थे। सौभाग्य से मेरे साक्षात्कार अच्छे रहा और मेरा चयन हो गया। मैं अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देता हूं, जिन्होंने हर परिस्थिति मेरा साथ दिया, सीनियर्स जिन्होंने हमेसा मार्गदर्शक की भूमिका निभाई और अपने दोस्तों को देता हूं।

4. अनन्य शर्मा (अमेज़न)
मैंने अपनी तैयारी चौथे सेमेस्टर में शुरू की थी लेकिन मैं अपने तीसरे वर्ष में इंटर्नशिप नहीं कर सका। इसलिए मैंने उचित योजना और अभ्यास के साथ डाटा स्ट्रक्चर एण्ड एल्गोरिदम के अपने ज्ञान को बेहतर बनाने के लिए लगातार कड़ी मेहनत की। कुछ सीनियर्स और मेरे दोस्तों ने मेरी बहुत मदद की और मुझे प्रेरित किया। शुक्र है कि मैं 7वें सेमेस्टर में अपने पहले प्रयास में अमेज़न को क्रैक किया।

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