ब्राजील में बड़ी संख्या में आदिवासी पहली बार सड़कों पर:धनुष-तीर लेकर कोर्ट के बाहर जुटे

नाचकर प्रदर्शन कर रहे; आदिवासियों को अपनी जमीन पर अधिकार खत्म होने का डर सता रहा

ब्राजील में 176 कबीलों के 6000 से ज्यादा आदिवासी इतिहास में पहली बार राजधानी ब्राजीलिया की सड़कों पर उतर आए हैं। वे धनुष-तीर लेकर सुप्रीम कोर्ट के बाहर जुटे हैं और पारंपरिक वेश-भूषा में नाच-गाकर प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल, ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट में भूमि अधिकार से जुड़े मामले पर सुनवाई चल रही है। इसका फैसला इसी हफ्ते आना है।

इसमें आदिवासियों को संरक्षित जमीन पर अधिकार खत्म होने का डर सता रहा है। पर्यावरण प्रेमियों का मानना है कि कोर्ट सरकार के पक्ष में फैसला सुना सकती है। यदि ऐसा होता है तो उसका असर करीब 230 अन्य लंबित मामलों पर भी पड़ेगा। जिनके चलते अमेजन वर्षावन कटने से बचे हुए हैं।

सरकार पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
वहीं आदिवासियों का कहना है कि व्यापारिक समूह हमारी जमीनों का इस्तेमाल खदानों और औद्योगिक खेती के लिए करना चाहते हैं। राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो की सरकार भी उनके साथ है। लेकिन हमें यह मंजूर नहीं। पटाक्सो आदिवासी समूह के 32 साल के प्रमुख स्यराटा ने बताया कि बोल्सोनारो की सरकार हर तरफ से हमारा उत्पीड़न कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है मामला
वे कहते हैं- ‘आज पूरी मानवता अमेजन वर्षावनों को संरक्षित करने की मांग कर रही है। लेकिन सरकार दुनिया के फेफड़े, हमारे वर्षावनों को सोयाबीन के खेतों और सोने की खदानों में बदल देना चाहती है।’ रिपोर्ट्स के मुताबिक, सांता कैटरीना राज्य की सरकार ने इबिरामा-ला क्लानो के आदिवासी इलाकों को खाली कराने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। जिसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुुंच गया है।

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